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Wednesday, 10 February 2021

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 महत्वपूर्ण तिथियां


Date of Advertising 18/2/2021


 ऑनलाइन आवेदन की तिथि

22/2/2021

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि

8/3/2021

 शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि
9/3/2021

आवेदन पूर्ण तथा प्रिंट लेने की अंतिम तिथि
10/3/2021

 परीक्षा केंद्रों के निर्धारण तथा जनपद के आवेदकों की  संख्या सूचना
10/3/2021

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बेसिक शिक्षा अनुभाग-3


विषय--प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूलों में प्रधानाध्यापक एवं सहायक अध्यापक

को रिक्त पदों पर चयन हेतु भर्ती परीक्षा आयोजित कराये जाने के सम्बन्ध में।


महोदय,


कृपया उपर्युक्त विषयक अपने पत्रांक-गो / जूनि०म०प/8325-29/2020-21, दिनाक-
22.01.2021 का संदर्भ ग्रहण करने का पाष्ट करें, जिसके द्वारा प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त
हायस्कूलों में प्रधानाध्यापक एवं सहायक अध्यापक के रिक्त पदों पर चयन हेतु भर्ती परीक्षा आयोजित

कराये जाने के सम्बन्ध में कतिपय बिन्दुओं पर पुनः मार्गदर्शन मांगा गया है, जिसके क्रम में भर्ती परीक्षा

आयोजित कराये जाने की कार्यवाही के संबंध में बिन्दुवार निम्नपत निर्देश है:


(१) बिन्दु संख्या-1 के सम्बन्ध में अवगत कराना है कि उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त वेसिक स्कूल

(जूनियर हाई स्कूल) (अध्यापकों की भर्ती और सेवा की शर्त) नियमावली, 1978 के नियम-4 में

मान्यता प्राप्त जूनियर हाई स्कूल में सहायक अध्यापक के पद पर भर्ती हेतु न्यूनतम अर्हताओं

का उल्लेख है, जिसमें सहायक अध्यापक के पद पर भर्ती हेतु न्यूनतम शैक्षिक अर्हता स्नातक

निर्धारित किया गया है। अतः सहायक अध्यापक के पद पर भर्ती हेतु परीक्षा का स्तर स्नातक

रखा जाय।


(2) हिन्दु संख्या-2 के सम्बन्ध में अवगत कराना है कि निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का

अधिकार अधिनियम, 2000 में जूनियर हाई स्कूल हेतु निर्धारित मान्य एवं मानकों के अनुसार

जूनियर हाई स्कूलों में भाषा, विज्ञान, गणित एवं सामाजिक विषय के अध्यापकों की उपलब्धता

सुनिश्चित कराये जाने का उल्लेख है। अतः सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूल में सहायक

अध्यापक के पद पर चयन हेतु भाषा, विज्ञान, गणित एवं सामाजिक विषय हेतु परीक्षा आयोजित

करायी जाय। इस हेतु भाषा, विज्ञान, गणित एवं सामाजिक विषय हेतु स्नातक स्तरीय पाठ्यक्रम

के आधार पर स्नातक सारीय परीक्षा आयोजित करायी जाय सामान्य ज्ञान का प्रथम प्रश्नपत्र

सभी अभ्यर्थियों के लिए अनिवार्य होगा । भाषा, सामान्य अध्ययन तथा विज्ञान एवं गणित में

किसी एक खण्ड का अभ्यर्थी को चयन करना है। भाषा में संस्कृत, हिन्दी, अंग्रेणी में किसी एक

का चयन करना है। प्रथम प्रश्नपत्र में 50 प्रश्न सामान्य ज्ञान के होंगे और द्वितीय प्रश्नपत्र में

100 प्रश्न सम्बन्धित विषय से होंगे।


(१) बिन्दु संख्या-3 के सम्बन्ध में अवगत कराना है कि उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त बेसिक स्कूल

(जूनियर हाई स्कूल) (अध्यापकों की भर्ती और रेया की श) नियमावली, 1978 में प्रधानाध्यापक
यो पद पर चयन हेतु न्यूनतम शैक्षिक आता स्नातक के साथ-साथ अध्यापक रूप में 05

यर्षों का शिक्षण अनुभव प्राविधानित किया गया है प्रधानाध्यापक को पद पर चयन हेतु न्यूनतम
शैक्षिक अर्हता स्नातक के साथ-साथ अध्यापक के रूप में 05 वर्षों का शिक्षण अनुभव अनिवार्य

है। प्रधानाध्यापक के पद पर चयन हेतु अईसा का परीक्षण स्नातक स्तरीय पाठ्यक्रम के आधार

पर सामान्य प्रशासनिक क्षमता एंव अन्य विषयों के ज्ञान पर आधारित प्रश्नपत्र का निर्माण किया

जाए एवं एक प्रश्नपत्र शिक्षा विभाग से सम्बन्धित विभिन्न अधिनियमों नियमों, शासनादेशों.


शिक्षा विभाग से सम्बन्धित गठित विभिन्न आयोगो/ समितियों एवं उनकी संस्तुतियों, शिक्षा

नीतियों के सम्बन्ध में उनकी विभागीय कार्यक्रमों तथा योजनाओं सम्बन्धी का परीक्षण करने हेतु

निर्धारित कर दिया जाए, जिससे अभ्यर्थी की शिक्षा विभाग के सम्बन्ध में सामान्य समझ एवं

जानकारियों का आकलन किया जा सके।


(4) बिन्दु संख्या-4, 5 व 6 के सम्बन्ध में अवगत कराना है कि अशासकीय सहायता प्राप्त

जूनियर हाई स्कूल में चयन की कार्यवाही उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त बेसिक स्कूल (जूनियर हाई

स्कूल) (अध्यापकों की भर्ती एवं सेवा की शतें) नियमावली 1978 के प्राविधानों के अनुरूप की

जाती है। इसलिए प्रश्नगत चयन की कार्यवाही उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त बेसिक स्कूल

(जूनियर हाई स्कूल) (अध्यापकों की भर्ती और सेवा की शर्ते) नियमावली 1978 (अद्यतन

संशोधित) में प्राविधानित शैक्षिक एवं प्रशिक्षण अर्हताओं के आधार पर किया जाय।


(s) बिन्दु संख्या-7 के सम्बन्ध में अवगत कराना है कि उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त बेसिक स्कूल

(जूनियर हाई स्कूल) (अध्यापकों की भर्ती एंव सेवा की शर्ते) नियमावली 1978 के अन्तर्गत

असहायिक मान्यता प्राप्त जूनियर हाई स्कूल एवं सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूल दोनो प्रकार

के विद्यालयों में चयन किये जाने का प्राविधान किया गया है प्रश्नगत भर्ती परीक्षा के द्वारा

सहायता प्राप्त जूनियर हाई स्कूल में सहायक अध्यापक एवं प्रधानाध्यापक के पदों पर चयन

किया जाना है, जोकि निदेशालय स्तर से किया जायेगा अतः जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के

स्तर से अनुमति दिये जाने का औचित्य नही है असहायिक मान्यता प्राप्त जूनियर डाई स्कूल में

यदि सहायक अध्यापक या प्रधानाध्यापक के पद पर चयन किया जाना होगा, की स्थिति में


चयन हेतु विज्ञापन की अनुमति जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के स्तर से दिया जायेगा।

(6) बिन्दु संख्या-8 के सम्बन्ध में अवगत कराना है कि भर्ती परीक्षा का आयोजन प्राथमिकता के

आधार पर पहले करा लिया जाए, तत्पश्चात् टी०ई०टी० परीक्षा 2020 का आयोजन किया जाए।

UP JUNIOR VACANCIES Syllabus 2021

भर्ती परीक्षा हेतु निम्नवत् पाठ्यक्रम निर्धारित किया जाता है.


1. सामान्य ज्ञान/समसामयिक घटनाएँ/ तार्किक ज्ञान

राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएँ।


भारत का इतिहास एवं भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन ।


भारत का भूगोल ।


- भारतीय राजनीति एवं शासन- संविधान, राजनीतिक व्यवस्था पंचायती राज, लोकनीति,


आधिकारिक प्रकरण आदि।

आर्थिक और सामाजिक विकास- सतत विकास, गरीबी अन्तर्विष्ट जनसांख्यिकीय, सामाजिक क्षेत्र


के इनिशियेटिव आदि।

पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी सम्बन्धी सामान्य विषय, जैव विविधता एवं जलवायु परिवर्तन


सामान्य विज्ञान।

Grammar.


Unseen Passage.


- Writers, general introduction and their work.

4. संस्कृत


संस्कृत भाषा एवं साहित्य के इतिहास की जानकारी।


व्याकरण।


अपठित गद्यांश/पद्यांश।


• प्रमुख लेखकों/कवियों का सामान्य परिचय एक उनकी कृतियाँ


खण्ड 'ख'


5. सामाजिक अध्ययन


इतिहास जानने के स्रोत।


- पाशणकालीन संस्कृति, ताम्र पाषाणिक संस्कृति, वैदिक संस्कृति ।

- छठी शताब्दी ई०पू० का भारत ।


भारत के प्रारम्भिक राज्य ।


भारत में मौर्य साम्राज्य की स्थापना।


मौर्योत्तरकालीन भारत, गुप्तकाल, राजपूत काলীग भारत, पुष्यभूति दंश, दक्षिण भारत के राज्य


• छठी शताब्दी का धार्मिक तथा सामाजित विकास।


इस्लाम का भारत में आगमन, दिल्ली सल्तनत की स्थापना, विस्तार, विधटन।


मुगल साम्राज्य, संस्कृति, पतन।

यूरोपीय शक्तियों का भारत में आगमन एवं अंग्रेजी


भारत में कम्पनी राज्य का विस्तार।


भारत में नवजागरण, भारत में राष्ट्रवाद का उदय।


राज्य की स्थापना ।


स्वाधीनता आन्दोलन, स्वतंत्रता प्राप्ति, भारत विभाजन।


स्वतंत्र भारत की चुनौतियाँ ।


. हम और हमारा समाज।


ग्रामीण एवं नगरीय समाज व रहन-सहन, ग्रामीण एवं नगरीय स्वशासन ।


. जिला प्रशासन


हमारा संविधान, केन्द्रीय व राज्य शासन व्यवस्था।


भारत में लोकतंत्र।


देश की सुरक्षा एवं विदेश नीति, वैश्विक समुदाय एवं भारत।


नागरिक सुरक्षा, यातायात सुरक्षा।


दिष्यांगता।


" सौरमण्डल में पृथ्वी, ग्लोब-पृथ्वी पर स्थानों का निर्धारण, पृथ्वी की गतियोँ ।

• मानचित्रण, पृथ्वी के चार परिगण्डल, स्थल मण्डल-पृथ्वी की संरचना, पृथ्वी के प्रमुख स्थलरूप ।


विश्व में भारत, भारत का भौतिक स्वरूप मृदा, उर्वरक का प्रयोग एवं महत्य, बनस्पति एवं व

जीय, भारत की जलवायु, भारत के आर्थिक संसाधन, यातायात, व्यापार एवं संचार।


उत्तर प्रदेश भारत में स्थान, राजनीतिक विभाग जलवायु, मृदा, वनस्पति एवं वन्यजीय, कृ


खनिज उद्योग-धनो, जनसंख्या एवं नगरीकरण।

- वायुमण्डल, जलमण्डल।


संसार के प्रमुख प्राकृतिक प्रदेश एवं जनजीवन |


खनिज संसाधन, उद्योग-धन्धे।


भारतीय अर्थव्यवस्था एवं उसकी चुनौतियौं ।


. पर्यावरण, प्राकृतिक संसाधन एवं उनकी उपयोगिता।


प्राकृतिक संतुलन, संसाधनों का उपयोग ।


• जनसंख्या वृद्धि का पर्यावरण पर प्रभाव, पर्यावरण-प्रदूषण।

अपशिष्ट प्रबन्धन, आपदाएँ, पर्यावरणविद, पर्यावरण के क्षेत्र में पुरस्कार, पर्यावरण


चौलेण्डर।


8. गणित


खण्ड 'ग


प्राकृतिक संख्याएँ, पूर्ण संख्याएँ, परिमेय संख्याएँ।


पूर्णाक, कोष्ठक लघुत्तम समापया एवं महत्तम

. वर्गमूल, घनमूल, सर्वसमिकाएँ।


समापवर्तक ।


यीजगणित, अवधारणा-घर संख्याएँ, अचर संख्याएँ. चर संख्याओं की घात ।


बीजीय व्यंजकों का जोड़, घटाना, गुणा एवं भाग बीजीय व्यंजकों के पद एवं पदों के गुणांक,

सजातीय एवं विजातीय पद, व्यंजकों की डिग्री, एक, दो एवं त्रिपदीय व्यंजकों की अवधारणा।


युगपत सभीकरण, वर्ग समीकरण, रेखीय समीकरण।

समान्तर रेखाएँ, चतुर्भज की रचनाएँ, त्रिभुज ।


* वृत्त और चक्रीय चतुर्भुज, वृत्त की स्पर्श रेखाएँ।


अनुपात, समानुपात, प्रतिशतता. लाभ-हानि, साधारण व्याज, चक्रवृद्धि ब्याज।

. सांखिकी- आंफड़ों का वर्गीकरण, पिक्टोग्राफ, माध्य, माध्यिका एवं बहुलक, बारम्बारता।


• पाई एवं दण्ड चार्ट, अवर्गीकृत आँकड़ों का चित्र।


- सम्माधना (प्रायिकता) ग्राफ, दण्ड, आरेख तथा निमित्त दण्ड आरेख।

* कार्तीय तल, क्षेत्रमिति (गेन्सुरेशन), घातांक, त्रिकोणमिति।


7. विज्ञान


दैनिक जीवन में विज्ञान, महत्वपूर्ण खोज, महत्व, मानव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी।

. रेशे एवं वस्त्र, रेशों से वस्त्रों तक। प्रिया)


सजीय, निर्जीव पदार्थ-जीय जगत, सजीयों का वर्गीकरण, जन्तु एवं वनस्पति के आधार पर पौधा

का वर्गीकरण एवं जन्तुओं का वर्गीकरण, जीयों में अनुकूलन, जन्तुओं एवं पौधों में परिवर्तन।


- जन्तु की संरचना र कार्य।


सूक्ष्म जीय एवं उनका वर्गीकरण।


- योशिका से अंगतन्त्रतका


. किशोरावस्था विकलांगता।


भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं रोग, पासल उत्पादन, नाइट्रोजन चक्र।

जन्तुओं में गोषण, पौधों में पोषण, जनन, लाभदायक पौधे।


जीयों में म, उत्सर्जन, लालदायक जन्तु।

गापन, विद्युत धारा, चुम्बकत्य, गति, बल एवं यंत्र ।


• ऊया, व्यनि, रिवर विद्युत प्रकाश एवं प्रकाश यंत्र।

• वायु-गुण, संघटन, आवश्यकता, उपयोगिता, ओजोन परता. हरित गु8 प्रभाथ


- जाल- आवश्यकता, उपयोगिता, सोत, गुण, प्रदूषण, जल-संरक्षण।

• पदार्थ, पदार्थों को पागूह, पदार्थों का पृथवयारण, पदार्थ की परचना एवं

अम्ल, क्षार, लवण।


ऊभा एवं ताप।


मानव निर्मित वस्तुएँ, प्लास्टिक, काँच, साबुन, मृतिका।


खनिज एवं धातु, कार्बन एवं उसके यौगिक।

ऊर्जा के वैकल्पिक सौत।


आवर्त सारिणी, रक्त की संरचना, वर्ग एवं रक्त के आदान-प्रदान में सावधानियों।

8. शैक्षिक प्रबन्धन एवं प्रशासन (प्रधानाध्यापक हेतु)


विद्यालय प्रबन्धन का अर्थ, आवश्यकता एवं महत्व


विद्यालय प्रबन्धन के क्षेत्र ।


भौतिक संसाधनों का प्रबन्धन (विद्यालय भवन, फर्नीचर, शैक्षिक उपकरण, साज-सज्जा, पेयजल,


शौचालय)।


मानवीय संसाधनों का प्रबन्धन (शिक्षक, बच्चे, समुदाय-ग्राम शिक्षा समिति, विद्यालय प्रबन्धन

समिति, शिक्षक अभिभावक संघ, मातृशिक्षक संघ, महिला प्रेरक दल)


वित्तीय प्रबन्धन (विद्यालय अनुदान, टी0एल0एम0 ग्रान्ट, विद्यालय को समुदाय से प्राप्त धन,

विद्यालय की सम्पत्ति से अर्जित धन, ग्राम पंचायत निधि से/ जनप्रतिनिधियों से प्राप्त अनुदान)

शैक्षिक प्रबन्धन (कक्षा-कक्ष प्रबन्धन, शिक्षण अधिगम सामग्री प्रबन्धन, लर्निंग कॉर्नर एवं पुस्तकालय


प्रबन्धन ।


समय प्रबन्धन : समय सारिणी का निर्माण व प्रयोग।

विद्यालय प्रबन्धन में विभिन्न अभिकर्मियों की भूमिका ।


प्रारम्भिक शिक्षा के विकास में संलग्न विभिन्न अभिकरण एवं उनकी भूमिका ।


राष्ट्रीय/राज्य/जिला/स्थानीय स्तर पर कार्य करने वाले अभिकरण।


प्राथमिक शिक्षा का आधारभूत ढाँचा।



Analogics, assertion and reason, binary logic, classification, clocks and calendars,


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